
पेट की चर्बी का मस्तिष्क की उम्र बढ़ने से संबंध, जबकि मांसपेशियां दिमाग को रखती हैं युवा
नया शोध शरीर की संरचना और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के बीच संबंध का संकेत देता है। अध्ययन से पता चलता है कि जिन व्यक्तियों में मांसपेशियों का द्रव्यमान अधिक और छिपी हुई पेट की चर्बी कम होती है, उनके मस्तिष्क MRI स्कैन में अधिक युवा दिखाई देते हैं।
Belly Fat Linked to Brain Aging, While Muscle Mass Keeps Brains Young
विज्ञान लगातार जीवनशैली के कारकों और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रियाओं के बीच नए संबंधों को उजागर कर रहा है। मस्तिष्क को शरीर के बाकी हिस्सों से अलग एक एकांत अंग के रूप में देखने का पारंपरिक नजरिया अब बदल रहा है।
शोध लगातार यह प्रदर्शित कर रहा है कि हमारी शारीरिक विशेषताएं मन की आंतरिक कार्यप्रणाली को पहले की तुलना में कहीं अधिक गहराई से प्रभावित करती हैं।
हालिया अध्ययन इस अवधारणा को पुख्ता करने वाले ठोस इमेजिंग साक्ष्य प्रदान करता है। निष्कर्ष बताते हैं कि मांसपेशियों का द्रव्यमान (muscle mass) और छिपी हुई चर्बी मस्तिष्क की युवावस्था को बनाए रखने पर सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
अध्ययन एक सीधा सहसंबंध उजागर करता है। जिन व्यक्तियों में अधिक मांसपेशियां और कम छिपी हुई पेट की चर्बी होती है, उनके MRI स्कैन में मस्तिष्क की उम्र कम दिखाई देती है।
छिपी हुई चर्बी (visceral fat), जो महत्वपूर्ण अंगों के पास स्थित होती है, मेटाबॉलिज्म को काफी प्रभावित करती है। यह सूजन (inflammation) पैदा कर सकती है और स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकती है।
त्वचा के नीचे पाई जाने वाली सबक्यूटेनियस फैट (subcutaneous fat) अलग तरह से व्यवहार करती है और वैसा हानिकारक पैटर्न नहीं दिखाती है। यह कार्य इस बात पर जोर देता है कि सभी प्रकार की चर्बी का प्रभाव एक जैसा नहीं होता है।
शोधकर्ताओं ने स्वस्थ वयस्कों में इन विशेषताओं की जांच की, जिसमें मांसपेशियों, वसा और मस्तिष्क के ऊतकों की विस्तृत छवियां प्राप्त करने के लिए होल-बॉडी MRI का उपयोग किया गया।
परिणामों ने शरीर की संरचना (body composition) और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के बीच एक स्पष्ट और दोहराने योग्य संबंध स्थापित किया।
यह संबंध संज्ञानात्मक कार्य (cognitive function) पर मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के प्रभाव की जांच करने वाले एक विस्तृत क्षेत्र में योगदान देता है। यह केवल सौंदर्यशास्त्र से परे ताकत और शरीर की संरचना के महत्व को भी रेखांकित करता है। Shotlee जैसे स्वास्थ्य ट्रैकिंग ऐप शरीर की संरचना में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी करने में मदद कर सकते हैं।
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ. साइरस राजी इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक हैं।
डॉ. राजी ने कहा, "अधिक मांसपेशियों और कम छिपी हुई पेट की चर्बी वाले स्वस्थ शरीर में स्वस्थ और युवा मस्तिष्क होने की संभावना अधिक होती है। बेहतर मस्तिष्क स्वास्थ्य, बदले में, भविष्य में अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क की बीमारियों के जोखिम को कम करता है।"
मस्तिष्क की आयु (brain age) व्यापक इमेजिंग डेटासेट की तुलना में मस्तिष्क की स्पष्ट आयु को दर्शाती है। कम अनुमान एक स्वस्थ तंत्रिका संरचना (neural structure) का संकेत दे सकता है।
कई टीमें अब उम्र बढ़ने, याददाश्त में गिरावट और बीमारी के जोखिम से संबंधित अध्ययनों में 'ब्रेन एज' का उपयोग करती हैं। यह उपकरण शोधकर्ताओं को उन सूक्ष्म परिवर्तनों की निगरानी करने में मदद करता है जिन्हें मानक परीक्षण अनदेखा कर सकते हैं।
डॉ. राजी ने कहा, "हालांकि यह आमतौर पर ज्ञात है कि कालानुक्रमिक आयु बढ़ने का अर्थ मांसपेशियों की हानि और छिपी हुई पेट की चर्बी में वृद्धि है, लेकिन यह कार्य दिखाता है कि ये स्वास्थ्य उपाय स्वयं मस्तिष्क की उम्र बढ़ने से संबंधित हैं।"
"यह दिखाता है कि शरीर में मापी गई मांसपेशियों और वसा की मात्रा मस्तिष्क के स्वास्थ्य के प्रमुख संकेतक हैं, जैसा कि ब्रेन एजिंग के साथ ट्रैक किया गया है।"
इस अध्ययन में चार अनुसंधान केंद्रों के 1,000 से अधिक वयस्क शामिल थे। उनकी औसत आयु पचास के दशक के मध्य में थी, लेकिन मस्तिष्क की आयु में काफी भिन्नता थी।
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प्रत्येक प्रतिभागी की मांसपेशियों की मात्रा, विसरल फैट और सबक्यूटेनियस फैट का आकलन करने के लिए होल-बॉडी MRI का उपयोग किया गया था। T1-वेटेड छवियों ने इन ऊतकों का स्पष्ट अंतर प्रदान किया। इसके बाद एक AI मॉडल ने प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क की आयु का अनुमान लगाने के लिए स्कैन का विश्लेषण किया।
AI सिस्टम ने किसी विशिष्ट क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पूरे स्कैन के पैटर्न का मूल्यांकन किया। इस व्यापक दृष्टिकोण ने शरीर की संरचना और मस्तिष्क की संरचना के बीच संबंध का खुलासा किया।
अधिक मांसपेशियों वाले व्यक्तियों में मस्तिष्क युवा दिखने की प्रवृत्ति पाई गई। मांसपेशियों की तुलना में अधिक छिपी हुई चर्बी वाले लोगों में मस्तिष्क अधिक उम्र का दिखाई दिया।
डॉ. राजी ने कहा, "अधिक मांसपेशियों वाले प्रतिभागियों के मस्तिष्क युवा दिखने वाले थे, जबकि अपनी मांसपेशियों के सापेक्ष अधिक छिपी हुई पेट की चर्बी वाले लोगों के मस्तिष्क अधिक उम्र के थे। त्वचा के ठीक नीचे वाली चर्बी का मस्तिष्क की उम्र बढ़ने से कोई संबंध नहीं था।"
ये निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये लक्षण परिवर्तनीय हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियों का द्रव्यमान बढ़ता है, जबकि लक्षित जीवनशैली संशोधनों के साथ छिपी हुई चर्बी कम हो जाती है।
ये परिवर्तन पूरे वयस्कता के दौरान हो सकते हैं, जिससे ये प्राप्त करने योग्य लक्ष्य बन जाते हैं। MRI और AI उपकरण भविष्य के अध्ययनों में इन परिवर्तनों को ट्रैक करने के लिए सटीक तरीके प्रदान करते हैं, जिससे मांसपेशियों और वसा के माप मस्तिष्क स्वास्थ्य के निश्चित संकेतक बन जाते हैं।
डॉ. राजी ने कहा, "इस शोध ने शरीर की संरचना के बायोमार्कर और मस्तिष्क स्वास्थ्य के बीच संबंध के बारे में व्यापक रूप से मानी जाने वाली परिकल्पनाओं को मान्य किया है।"
शोधकर्ताओं ने यह भी नोट किया कि ये मार्कर मेटाबॉलिक उपचारों (metabolic therapies) के अध्ययन में सहायता कर सकते हैं।
विशेषज्ञ ऐसे कार्यक्रम बना सकते हैं जो मांसपेशियों को नुकसान पहुँचाए बिना छिपी हुई चर्बी को कम करते हैं। समय के साथ, यह संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने की रणनीतियों को सूचित कर सकता है।
अध्ययन के भविष्य की वजन घटाने वाली दवाओं के लिए भी निहितार्थ हैं। Ozempic और Wegovy जैसी GLP-1 दवाएं बहुत लोकप्रिय बनी हुई हैं, लेकिन वे वसा के साथ मांसपेशियों को भी कम कर सकती हैं - एक ऐसा संयोजन जो दीर्घकालिक मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
नए परिणाम बताते हैं कि आदर्श थेरेपी वह होगी जो मांसपेशियों को सुरक्षित रखते हुए छिपी हुई विसरल फैट को लक्षित करे।
डॉ. राजी ने कहा, "हमारे काम की अंतर्दृष्टि के आधार पर, मांसपेशियों की मात्रा को बनाए रखते हुए वसा, विशेष रूप से विसरल फैट को कम करने से मस्तिष्क की उम्र बढ़ने और मस्तिष्क स्वास्थ्य पर सबसे अच्छा लाभ होगा।"
यह अवधारणा अगली पीढ़ी के उपचारों के विकास को प्रभावित कर सकती है। नई दवाएं हानिकारक वसा को अधिक सटीकता से लक्षित कर सकती हैं। AI-आधारित इमेजिंग डॉक्टरों को यह निगरानी करने में मदद कर सकती है कि शरीर कैसे प्रतिक्रिया करता है।
ये उपकरण अधिक व्यक्तिगत देखभाल का मार्ग प्रशस्त करते हैं, जहां शरीर का आकार मस्तिष्क के जोखिम का प्रारंभिक संकेतक बन जाता है।
यह शोध रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RSNA) द्वारा प्रकाशित किया गया है।
?अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पेट की चर्बी मस्तिष्क के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है?
हाँ, शोध से पता चलता है कि विसरल फैट (छिपी हुई पेट की चर्बी) मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है और सूजन पैदा कर सकती है।
मांसपेशियों का द्रव्यमान मस्तिष्क के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
अध्ययन के अनुसार, अधिक मांसपेशियों वाले व्यक्तियों में मस्तिष्क की संरचना अधिक युवा और स्वस्थ पाई गई है, जो भविष्य में अल्जाइमर जैसे रोगों के जोखिम को कम कर सकती है।
क्या GLP-1 दवाएं मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं?
GLP-1 दवाएं वजन घटाने में मदद करती हैं, लेकिन यदि वे वसा के साथ मांसपेशियों को भी कम करती हैं, तो यह दीर्घकालिक मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है। मांसपेशियों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
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द्वारा प्रकाशित Earth.com.मूल लेख पढ़ें →